तिलक लगाने के बाद चावल के दाने क्यों लगाए जाते है...???*

 ये तो आपने अक्सर देखा होगाकि जब आपके घर में कोई त्यौहारशादी या पूजा का समय होता हैतो इसकी शुभ शुरुआत व्यक्तिको तिलक लगा कर की जाती हैतिलक लगाना शुभ माना जाता हैमगर क्या आपने कभी ये सोचा है कि तिलक लगाने के बाद व्यक्तिके माथे पर चावल क्यों लगाए जाते है


 अगर वैज्ञानिक दृष्टि की बात करे तो माथे पर तिलक लगाने से दिमाग में शांति और शीतलता बनी रहती हैइसके इलावा चावल कोशुद्धता का प्रतीक माना जाता हैवही अगर शास्त्रों की बात करे तो चावल को हवन में देवी देवताओ को चढ़ाने वाला शुद्ध अन्न मानाजाता है। एक और मान्यता के अनुसार चावल का एक अन्य नाम अक्षत भी है इसका अर्थ कभी क्षय ना होने वाला या जिसका कभी नाशनही होता है। तभी तो हम हर खास मौके पर चावल जरूर बनाते हैदरअसल ऐसा माना जाता है कि कच्चे चावल व्यक्ति को सकारात्मकऊर्जा प्रदान करते हैयही वजह है कि पूजा के दौरान  केवल माथे पर तिलक लगाया जाता हैबल्कि पूजा की विधि संपन्न करने केलिए भी चावलों का इस्तेमाल किया जाता है।


इसके इलावा पूजा में भी कुमकुम के तिलक के ऊपर चावल के दाने इसलिए लगाए जाते हैताकि हमारे आस पास जो नकारात्मक ऊर्जाहैवो दूर जा सके या खत्म हो सकेअगर आप पूजा के समय माथे पर केवल तिलक लगाते है और चावल के दानो का इस्तेमाल नहींकरतेतो यह सही नहीं है।  अगर आप ऐसा करते हैतो अब से ऐसा कभी मत कीजियेगाक्यूकि इससे  केवल पूजा अधूरी होने काआभास होता हैबल्कि इससे नकारात्मक ऊर्जा भी आपके आस पास भटकती रहती हैइसलिए हर पूजा में चावलों का खास महत्व है.

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