दीपावली विशेष : स्थिर लक्ष्मी पुजा विधि एवं शुभ मुहूर्त*

 हर वर्ष भारतवर्ष में दिवाली का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता हैप्रतिवर्ष यह कार्तिक माह की अमावस्या को मनाई जाती है


*“ब्रह्मपुराण” के अनुसार आधी रात तक रहने वाली अमावस्या तिथि ही महालक्ष्मी पूजन के लिए श्रेष्ठ होती हैयदि अमावस्या आधीरात तक नहीं होती है तब प्रदोष व्यापिनी तिथि लेनी चाहिएलक्ष्मी पूजा  दीप दानादि के लिए प्रदोषकाल ही विशेष शुभ माने गए हैं।*


*दीपावली पूजन के लिए पूजा स्थल एक  दिन पहले से सजाना चाहिए पूजन सामग्री भी दिपावली की पूजा शुरू करने से पहले हीएकत्रित कर लें। इसमें अगर माँ के पसंद को ध्यान में रख कर पूजा की जाए तो शुभत्व की वृद्धि होती है। माँ के पसंदीदा रंग लालव्गुलाबी है। इसके बाद फूलों की बात करें तो कमल और गुलाब मां लक्ष्मी के प्रिय फूल हैं। पूजा में फलों का भी खास महत्व होता है।फलों में उन्हें श्रीफलसीताफलबेरअनार  सिंघाड़े पसंद आते हैं। आप इनमें से कोई भी फल पूजा के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।अनाज रखना हो तो चावल रखें वहीं मिठाई में मां लक्ष्मी की पसंद शुद्ध केसर से बनी मिठाई या हलवाशीरा और नैवेद्य है।*

*माता के स्थान को सुगंधित करने के लिए केवड़ागुलाब और चंदन के इत्र का इस्तेमाल करें।*


*दीये के लिए आप गाय के घीमूंगफली या तिल्ली के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह मां लक्ष्मी को शीघ्र प्रसन्न करते हैं। पूजा केलिए अहम दूसरी चीजों में गन्नाकमल गट्टाखड़ी हल्दीबिल्वपत्रपंचामृतगंगाजलऊन का आसनरत्न आभूषणगाय का गोबरसिंदूरभोजपत्र शामिल हैं।*

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

महाशिवरात्रि की चार पहर की विशेष पूजा, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि एवं विशेष महत्व Mahashivratri

हनुमान जी का चित्र घर में कहाँ लगायें